खिले पुष्प …
जब तुम
मुस्कुराए
मुरझाए…
जब तुम ना आए
बिखरे…
तुम्हारे जाने पर
बंद क़िताबें
खोल
सहला लेता हूँ
पंखुड़ीयाँ
याद आने पर…
खिले पुष्प …
जब तुम
मुस्कुराए
मुरझाए…
जब तुम ना आए
बिखरे…
तुम्हारे जाने पर
बंद क़िताबें
खोल
सहला लेता हूँ
पंखुड़ीयाँ
याद आने पर…