चाँदनी रात है…
पर तन्हा हूँ मैं
चाँद भी मेरी तरह उदास है
फिर भी तन्हा हूँ मैं
इक बहाना है
तुझे भुलाने का
(वैसे पीता नहीं हूँ मैं)
जाम भी शोकसार है
फिर भी तन्हा हूँ मैं
किसी के काँधे पर सर रख कर
बहुत रोया हूँ
आँख उसकी भी लाल है
फिर भी तन्हा हूँ मैं
